नेगेटिव मार्किंग (Negative Marking) एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें गलत उत्तर देने पर उम्मीदवार के प्राप्त अंकों में से कुछ अंक काट लिए जाते हैं। इसका उद्देश्य उम्मीदवारों की सटीकता और प्रश्नों को समझकर उत्तर देने की क्षमता का मूल्यांकन करना है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी रेलवे परीक्षा में प्रत्येक सही उत्तर के लिए 1 अंक मिलता है और प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/3 अंक काटा जाता है, तो तीन गलत उत्तर देने पर कुल 1 अंक की कटौती होगी।
हालाँकि, नेगेटिव मार्किंग के नियम हर परीक्षा और परीक्षा चरण में समान हों, यह जरूरी नहीं है। इसलिए संबंधित भर्ती की आधिकारिक अधिसूचना में दिए गए नियमों को अवश्य पढ़ें।
रेलवे परीक्षा में गलत उत्तर देने पर कितने अंक कटते हैं?
कई प्रमुख रेलवे भर्ती परीक्षाओं के कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) में प्रत्येक गलत उत्तर पर उस प्रश्न के निर्धारित अंक का एक-तिहाई काटने का नियम दिया गया है। उदाहरण के लिए, RRB NTPC और RRB ALP की संबंधित अधिसूचनाओं में 1 अंक वाले प्रश्न के गलत उत्तर पर 1/3 अंक की कटौती का प्रावधान मिलता है।
लेकिन परीक्षा के नियम भर्ती और चरण के अनुसार अलग हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, RRB ALP के आधिकारिक नोटिफिकेशन में CBT के लिए नेगेटिव मार्किंग और Computer Based Aptitude Test (CBAT) के लिए अलग नियम दिए गए हैं। इसलिए किसी एक परीक्षा के नियम को सभी रेलवे परीक्षाओं पर लागू न मानें।
नेगेटिव मार्किंग की गणना कैसे करें?
मान लीजिए कि किसी परीक्षा में:
- प्रत्येक सही उत्तर के लिए 1 अंक मिलता है।
- प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/3 अंक काटा जाता है।
- अनुत्तरित प्रश्न पर कोई अंक नहीं मिलता और कोई कटौती भी नहीं होती।
ऐसी स्थिति में आपके अंक इस प्रकार निकाले जा सकते हैं:
प्राप्त अंक = सही उत्तरों के अंक − गलत उत्तरों की कटौती
उदाहरण 1: सही और गलत उत्तरों की गणना
मान लीजिए आपने 100 प्रश्नों वाली परीक्षा में 70 सही उत्तर दिए, 15 गलत उत्तर दिए और 15 प्रश्न छोड़ दिए।
| विवरण | संख्या | अंक |
| सही उत्तर | 70 | +70 |
| गलत उत्तर | 15 | −5 |
| अनुत्तरित प्रश्न | 15 | 0 |
| कुल अंक | 65/100 |
इस उदाहरण में 15 गलत उत्तरों के लिए 15 × 1/3 = 5 अंक काटे जाएँगे। इसलिए कुल अंक 70 − 5 = 65 होंगे।
उदाहरण 2: अधिक गलत उत्तर देने का प्रभाव
यदि किसी उम्मीदवार के 60 उत्तर सही और 30 उत्तर गलत हैं तथा बाकी 10 प्रश्न अनुत्तरित हैं, तो:
- सही उत्तरों से प्राप्त अंक: 60
- गलत उत्तरों की कटौती: 30 × 1/3 = 10
- कुल अंक: 60 − 10 = 50 अंक
इससे स्पष्ट होता है कि गलत उत्तरों की संख्या बढ़ने पर कुल स्कोर काफी कम हो सकता है।
ध्यान दें कि ये केवल समझाने के लिए दिए गए उदाहरण हैं। वास्तविक परीक्षा में अंक प्रश्न के निर्धारित मूल्य और आधिकारिक नेगेटिव मार्किंग नियमों के अनुसार गणना किए जाएँगे।
रेलवे की किन परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग होती है?
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की अलग-अलग भर्तियों में नेगेटिव मार्किंग का नियम संबंधित अधिसूचना में दिया जाता है।
| परीक्षा | तैयारी करते समय क्या जाँचें? |
| RRB NTPC | संबंधित CBT में गलत उत्तर की कटौती |
| RRB Group D | CBT के लिए लागू नेगेटिव मार्किंग नियम |
| RRB ALP | CBT-1, CBT-2 और अन्य चरणों के अलग-अलग नियम |
| RRB JE | संबंधित CBT और तकनीकी परीक्षा के नियम |
| RPF कांस्टेबल | भर्ती अधिसूचना में दिए गए अंक वितरण और कटौती के नियम |
| RPF SI | परीक्षा चरण के अनुसार लागू नेगेटिव मार्किंग |
महत्वपूर्ण: ऊपर दी गई सूची परीक्षा संबंधी नियम जाँचने के लिए है, न कि सभी परीक्षाओं के लिए एक समान नियम की गारंटी। परीक्षा देने से पहले नवीनतम आधिकारिक नोटिफिकेशन को प्राथमिकता दें।
रेलवे परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग से बचने के 8 तरीके
- प्रश्न को ध्यान से पढ़ें
कई बार उम्मीदवार प्रश्न में दिए गए शब्दों, संख्याओं या शर्तों को ठीक से नहीं पढ़ते और गलत विकल्प चुन लेते हैं। प्रश्न को ध्यान से पढ़ें और फिर उत्तर चुनें।
- पहले आसान प्रश्न हल करें
परीक्षा शुरू होने पर उन प्रश्नों को प्राथमिकता दें जिन्हें आप अच्छी तरह जानते हैं। इससे आपका समय बच सकता है और कठिन प्रश्नों के लिए अधिक समय मिल सकता है।
- बिना सोचे-समझे अनुमान न लगाएँ
यदि किसी प्रश्न का उत्तर बिल्कुल नहीं पता है, तो केवल जल्दबाजी में विकल्प चुनने से बचें। गलत उत्तर पर अंक कटने की स्थिति में ऐसा अनुमान आपके स्कोर को प्रभावित कर सकता है।
- विकल्पों को हटाने की तकनीक अपनाएँ
यदि आपको प्रश्न का पूरा उत्तर नहीं पता, लेकिन कुछ विकल्प स्पष्ट रूप से गलत लगते हैं, तो उपलब्ध जानकारी के आधार पर विकल्पों का विश्लेषण करें। फिर भी उत्तर देने से पहले संबंधित परीक्षा की नेगेटिव मार्किंग को ध्यान में रखें।
- गणित के प्रश्नों की दोबारा जाँच करें
गणित में छोटी गणना संबंधी गलतियाँ भी उत्तर को गलत बना सकती हैं। जहाँ संभव हो, अंतिम उत्तर और गणना को जल्दी से जाँच लें।
- मॉक टेस्ट से अभ्यास करें
ऑनलाइन मॉक टेस्ट देते समय वास्तविक परीक्षा के समान समय सीमा और अंक वितरण का उपयोग करें। इससे आपको समझ आएगा कि आप किन प्रश्नों में बार-बार गलती करते हैं।
- गलत प्रश्नों की नोटबुक बनाएँ
जिन प्रश्नों के उत्तर गलत होते हैं, उन्हें एक नोटबुक में लिखें। साथ में सही उत्तर, हल करने की विधि और गलती का कारण भी दर्ज करें।
- समय प्रबंधन पर ध्यान दें
किसी कठिन प्रश्न पर जरूरत से ज्यादा समय खर्च न करें। यदि परीक्षा का इंटरफेस इसकी सुविधा देता है, तो ऐसे प्रश्न को बाद में दोबारा देखने के लिए चिह्नित करें और पहले उन प्रश्नों को हल करें जिनके उत्तर आपको आते हैं।
क्या रेलवे परीक्षा में प्रश्न छोड़ने पर भी अंक कटते हैं?
यदि संबंधित परीक्षा के नियमों के अनुसार अनुत्तरित प्रश्न पर कोई कटौती नहीं है, तो प्रश्न छोड़ने पर अंक नहीं कटते। लेकिन यह मानकर न चलें कि सभी परीक्षाओं के नियम समान हैं।
प्रश्न छोड़ने का निर्णय करते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- क्या प्रश्न का उत्तर आपको स्पष्ट रूप से पता है?
- क्या आप विकल्पों को तर्क के आधार पर कम कर सकते हैं?
- क्या उत्तर देने में लगने वाला समय अन्य आसान प्रश्नों से अधिक महत्वपूर्ण है?
- क्या संबंधित परीक्षा में गलत उत्तर पर अंक काटे जाते हैं?
सही रणनीति यह है कि पहले सुनिश्चित उत्तरों को हल करें और फिर बचे हुए समय में अन्य प्रश्नों पर निर्णय लें।
रेलवे परीक्षा में स्कोर बढ़ाने के लिए सही रणनीति
नेगेटिव मार्किंग से बचने के लिए केवल गलत उत्तरों की संख्या कम करना पर्याप्त नहीं है। आपको अपनी तैयारी और प्रश्न हल करने की गति में भी सुधार करना चाहिए।
- गणित: प्रतिशत, अनुपात, औसत, लाभ-हानि और समय-दूरी जैसे विषयों का नियमित अभ्यास करें।
- रीजनिंग: संख्या श्रृंखला, कोडिंग-डिकोडिंग, दिशा और रक्त संबंध के प्रश्न हल करें।
- सामान्य जागरूकता: इतिहास, भूगोल, संविधान और अन्य पाठ्यक्रम संबंधी विषयों का रिवीजन करें।
- सामान्य विज्ञान: संबंधित परीक्षा के पाठ्यक्रम के अनुसार भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान पढ़ें।
- मॉक टेस्ट: प्रत्येक टेस्ट के बाद सही उत्तर, गलत उत्तर, छोड़े गए प्रश्न और समय प्रबंधन का विश्लेषण करें।
याद रखें कि अधिक प्रश्न हल करना हमेशा बेहतर स्कोर की गारंटी नहीं देता। सही रणनीति, विषयों की समझ और सटीकता पर ध्यान देना अधिक उपयोगी है।
निष्कर्ष
रेलवे परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग वह व्यवस्था है जिसमें गलत उत्तर देने पर निर्धारित नियमों के अनुसार अंक काटे जाते हैं। इसलिए RRB NTPC, Group D, ALP, JE और RPF जैसी परीक्षाओं की तैयारी करते समय सही उत्तर देने के साथ-साथ गलतियों को कम करना भी महत्वपूर्ण है।
नियमित मॉक टेस्ट दें, प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें, गणना की जाँच करें और अपनी कमजोरियों पर काम करें। सबसे जरूरी बात यह है कि परीक्षा में लागू नेगेटिव मार्किंग के नियमों को संबंधित आधिकारिक अधिसूचना से अवश्य सत्यापित करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- रेलवे परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग क्या होती है?
गलत उत्तर देने पर उम्मीदवार के कुल अंकों में से निर्धारित अंक काटे जाने की व्यवस्था को नेगेटिव मार्किंग कहते हैं।
- रेलवे परीक्षा में एक गलत उत्तर पर कितने अंक कटते हैं?
कई CBT परीक्षाओं में 1 अंक वाले प्रश्न के गलत उत्तर पर 1/3 अंक काटे जाते हैं। वास्तविक नियम संबंधित परीक्षा की आधिकारिक अधिसूचना से जाँचें।
- क्या रेलवे परीक्षा में प्रश्न छोड़ने पर अंक कटते हैं?
यदि परीक्षा के नियमों में अनुत्तरित प्रश्न के लिए कोई कटौती नहीं दी गई है, तो प्रश्न छोड़ने पर अंक नहीं कटते। संबंधित परीक्षा के निर्देश पढ़ना जरूरी है।
- क्या RRB NTPC और Group D में नेगेटिव मार्किंग होती है?
संबंधित भर्ती अधिसूचनाओं में CBT के लिए नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान दिया जा सकता है। परीक्षा के वर्तमान नियमों की आधिकारिक अधिसूचना से पुष्टि करें।
- नेगेटिव मार्किंग से बचने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
प्रश्नों को ध्यान से पढ़ना, नियमित मॉक टेस्ट देना, गलतियों का विश्लेषण करना और बिना सोचे-समझे अनुमान लगाने से बचना उपयोगी रणनीतियाँ हैं।
- क्या सभी रेलवे परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग समान होती है?
नहीं। नियम परीक्षा, भर्ती और चरण के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए संबंधित आधिकारिक नोटिफिकेशन ही अंतिम आधार होना चाहिए।














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